| त्रिग्राह | त्रिग्राह घटक व प्रतीक | ऋग्वेदातील अध्याय व संकल्पना | संबंधित देव/घटक | तत्त्वज्ञान आणि अर्थ |
| 乾 (Qián) | आकाश, सृष्टी, सामर्थ्य, कृती | M1: अग्नि स्तोत्र, इंद्र स्तोत्र, M1:32 इंद्र विरत्रावर विजय | इंद्र (विजली देव), अग्नि (अग्नि देव) | शक्तिशाली सृष्टी, कृती क्षमता, सुव्यवस्था नेतृत्व |
| 坤 (Kūn) | भूमी, अनुकूलता, वाहकत्व | M10:90 पुरूष सुक्ता, M2 सोमा स्तोत्र | पृथ्वी (भूमीदेवी), सोमा (जीवन सार) | सर्वकाही स्वीकारणे, सृष्टीला आधार देणे, निसर्गाशी सुसंगत राहणे |
| 震 (Zhèn) | विजली, सुरूवात, प्रेरणा | M7: इंद्र आणि पावसाचे स्तोत्र, M3 इंद्र विरत्रावर विजय | इंद्र (विजली देव), वायु (वायु देव) | शक्तीला प्रेरणा देणे, अडथळे मोडणे, कृतीद्वारे बदल घडवून आणणे |
| 巽 (Xùn) | वारा, प्रवेश, अनुरूपता | M7: वारा व हवामान स्तोत्र, M8: नासदिया सुक्ता (विश्वाच्या वायूवर तात्त्विक विचार) | वायु (वायु देव), सरस्वती (पाणी व वारा देवी) | प्रवेश करणे, प्रसार, तात्त्विक प्रेरणा |
| 坎 (Kǎn) | पाणी, धोका, प्रवाह, शहाणपण | M7: पावसाचे स्तोत्र, M9: सोमा यज्ञ स्तोत्र | वरुण (पाणी व कायदे देव), सोमा (दैवी पेय) | प्रवाह, धोकादायक परिस्थिती, शहाणपण, नैतिक बंधन |
| 离 (Lí) | आग, प्रकाश, आसक्ती | M1: अग्नि स्तोत्र, M5 अग्नि देव व यज्ञ स्तोत्र | अग्नि (अग्नि देव) | प्रकाश व शहाणपण, उब व कृती |
| 艮 (Gèn) | डोंगर, शांतता, स्थिरता, रक्षण | M4: वरुण व मित्र स्तोत्र | वरुण (सर्वव्यापी आदेश देव) | स्थिरता, कायदा पालन, शांत मनातून चिंतन |
| 兑 (Duì) | तळे, आनंद, संवाद | M2: सोमा स्तोत्र, M9: यज्ञ व सामाजिक संवाद स्तोत्र | सोमा (दैवी पेय), इंद्र (सामूहिक नायक देव) | आनंद, संवाद, सुसंवाद |